Nissan Gravity: Rejected More by Fear Than Facts
भारत में कार खरीदना सिर्फ एक Product Decision नहीं होता बल्कि यह साइकोलॉजिकल Social decision भी होता है। Nissan Gravity इसका सबसे अच्छा एग्जाम्पल है। बहुत से लोग इसे MPV।को बिना ठीक से देखे बिना टेस्ट ड्राइव के लिए।और बिना।स्पेसिफिकेशन समझे रिजेक्ट कर देते हैं। सवाल यह नहीं है की ये Nissan Gravity खराब है या नहीं?बल्कि सवाल यह है कि लोग इसे अवॉइड क्यों करते हैं, जब उनके पास कोई ठोस रीज़न भी नहीं होता है?
Brand Visibility Creates Mental Distance
इंडियन बायर वहीं कार खरीदने में ज्यादा कम्फर्टेबल होते हैं जो उन्हें रोज़ सड़क पर दिखे Maruti और Hyundai हर गली में नजर आती है। इसलिए दिमाग उन्हें। safe choice मान लेता है। Nissan Gravity कम दिखाई देती है।और यही कमी धीरे धीरे लोगों में के मन में Uncertainty पैदा कर देती है। कम विजिबिलिटी का मतलब खराब प्रॉडक्ट नहीं होता, लेकिन बायर का माइंड इसे रिस्क के तौर पर interpret करता है।

Social Approval Matters More Than Logic
बहुत से बायर अपनी जरूरत से ज्यादा सोसायटी की राय को महत्त्व देते हैं। परिवार, रिश्तेदार और दोस्त अक्सर पूछते हैं कि मारुति या हुंडई क्यों नहीं ले रहे? Nissan Gravity जैसे ही नाम सुनते ही रिसेल सर्विस और फ़्यूचर को लेकर डाउट पैदा कर दिए जाते हैं।ये डाउट ज्यादातर एक्सप्रियंस बेस्ड नहीं होते हैं, बल्कि सुनी सुनाई बातों पर टिके होते हैं।
Fear of Choosing a Different Brand
Indian Car Macket में डिफरेंट हमेशा हमेशा पॉज़िटिव नहीं माना जाता।लोग ऐसी कार चाहते हैं जिसपर कोई सवाल ना करे। Nissan Gravity अलग ब्राण्ड की वजह से अटेंशन खींचती है और यही बात कुछ Buyer को अनकम्फर्टेबल कर देती है।वे चाहते हैं कि उनकी च्वाइस एक्सप्लेन करने की जरूरत ही ना पड़े।इसलिए वे सेफ और कॉमन ऑप्शन चुन लेते हैं।

Past Brand Exit Memories Still Haunt Buyers
Ford और Chevrolet के इंडिया एग्जिट ने बायर के दिमाग में एक परमानेंट डर बैठा दिया है।इसी डर की वजह से निशान को भी उसी कैटेगरी में डाल दिया जाता है।जबकि रियलिटी है यह हैं कि निसान अभी इंडिया में एक्टिव हैं और एक्सपोर्ट मार्केट में मजबूत हैं। फिर भी Buyer का दिमाग लॉजिक्स से पहले मेमोरी पर रिऐक्ट करता है।
Assumptions About Service and Maintenance
अक्सर लोग मान लेते हैं की निसान का सर्विस नेटवर्क कमजोर होगा या स्पेयर पार्ट्स महंगे होंगे, लेकिन यह एजम्प्शन ज्यादातर लोगों ने कभी वेरिफाई नहीं किया। निशान ग्रेविटी के अवॉइड करने वाले वायर में से बहुत कम लोगों ने एक्चुअल सर्विस एक्सपीरियंस चेक किया होता है।डर फैक्ट से ज्यादा इमैजिनेशन पर आधारित होता है।

Low Marketing Creates Low Trust
निशान अग्रेसिव एडवर्टाइजिंग नहीं करता न सेलिब्रिटी एंडॉर्समेंट है ना over hyped campaigns इसका इफेक्ट होता है कि प्रॉडक्ट।मार्केट में Noise नहीं बना पाता, जब किसी ब्राण्ड की आवाज कम होती है तो बायर सब कांशियस ली। उसे लैस रिलायबल मान लेता है, भले ही प्रॉडक्ट प्रैक्टिकल और यूजेबल हो।
Opinions Without Experience
निसान ग्रेविटी को अक्सर इर्टिगा या ऑरेंज। से कंपेयर किया जाता है लेकिन ये कम्पेरिज़न ज्यादातर पर्सनल एक्सपीरियंस पर नहीं बल्कि यूट्यूब कमेंट या दूसरों की राय पर बेस्ट होते हैं। बिना खुद ड्राइव कि ये डिसिशन लेना बायर को टेम्परेरी सैटिस्फैक्शन दे देता है लेकिन सही इवैल्यूएशन नहीं।

Is Nissan Gravite Really Not Worth Buying?
अगर कोई Buyer प्रैक्टिकल, स्पेस, कंफर्टेबल राइट और स्टेट फॉरवर्ड Mpv चाहता है तो Nissan Gravity उसके लिए worth buying हो सकती है, लेकिन अगर बायर ब्राण्ड इमेज सोशल वैलिडेशन और रीसेल डिस्कशन को प्रायोरिटी देता है तो इसे Avoid करेगा, भले ही प्रॉडक्ट उसकी जरूरत पर खरा उतरता हो।
लोग Nissan Gravity को ज्यादातर बिना वजह अवॉइड करते हैं यह डिसीजन प्रॉडक्ट। से ज्यादा साइकोलॉजी से जुड़ा होता है। सही तरीका ये है की Buyer ओपिनियन के बजाय एक्सपिरियंस पर भरोसा करें, टेस्ट ड्राइव लें। यूज़र्स को समझे और अपनी जरूरत के हिसाब से फैसला करें।




